आधुनिकता और पुरानी तहज़ीब के संगम को समेटने वाले लखनऊ शहर की पश्चिमी विधानसभा वास्तविकता में असली लखनऊ है, जहाँ आज भी गंगा जमुनी तहज़ीब की विरासत हिंदी- उर्दू की मिश्रित ज़ुबानों से लेकर गलियों -कूचों में बसी नई- पुरानी इमारतों में धड़क रही है। लखनवी तहज़ीब-अदब, नज़ाकत-नफासत, सांस्कृतिक वेश-भूषा, सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और प्रेम के सुन्दर फूलों से गुंथी लखनऊ पश्चिम विधानसभा की सुगंध पूरे भारतवर्ष में फैली हुई है।
लखनऊ पश्चिम के समाज में नवाबों के समय से ही “पहले आप!” वाली शैली समायी हुई है। हालांकि आधुनिकता यहाँ अपने पैर पसार रही है, लेकिन फिर भी इस विधानसभा की जनसंख्या का एक बड़ा भाग इस तहजीब को संभाले हुए है। यह तहजीब यहां दो विशाल धर्मों के लोगों को एक समान संस्कृति से बांधती है। ये संस्कृति यहां के नवाबों के समय से चली आ रही है। यहाँ आज भी मस्जिदों की मीनारें और मंदिरों के गुम्बद एक साथ कन्धा मिला कर खड़े हैं और अल्लाहु अकबर की अज़ानें और राम सियाराम, सियाराम-जय जय राम के भजन एक साथ सबके कानों में शहद घोलते हैं।
पुराने समय के अवध की विरासत को आगे बढ़ाने वाले लखनऊ पश्चिम में कई प्रसिद्द मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे और पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक महत्त्व वाले स्थल हैं, जिन्हें देखने लोग दूर दूर से आते हैं। यहाँ एक तरफ चिकन और जरदोज़ी के लिबास सिर्फ लखनऊ वासियों के ही नहीं, बल्कि देश और विदेश में रहने वालों के जिस्म की शोभा बढ़ाते हैं, वहीँ दूसरी तरफ लजीज़ एवं स्वादिष्ट अवधी, मुगलई और शाकाहारी व्यंजन सबके पेट को ही नहीं बल्कि मन को भी तृप्त करते हैं।
लखनऊ पश्चिम उत्तर प्रदेश विधान सभा का एक निर्वाचन क्षेत्र है यह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 403 निर्वाचन क्षेत्रों में से 171 नंबर पर है और पुराने लखनऊ यानि असली लखनऊ का प्रतिनिधित्व करता है। यह भारत के उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में लखनऊ के पश्चिमी भाग के शहर को कवर करता है और यहाँ मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 4.50 लाख है और अनुमानित जनसँख्या लगभग 6 लाख के आस पास है। इस विधानसभा में ब्राह्मण, कायस्थ और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है लेकिन अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग लोग भी काफी संख्या में निवास करते हैं। यहाँ की जनसँख्या में लगभग 45 प्रतिशत की आबादी महिला वर्ग की है।
लखनऊ पश्चिम के प्रमुख इलाकों में से अकबरी गेट, चौक, चौपटियाँ, अशरफाबाद, काज़मैन, सहादतगंज, पुराना चबूतरा, अम्बरगंज, ठाकुरगंज, गढ़ीपीर खां, महबूबगंज, वजीरबाग, बालागंज, दुबग्गा, आम्रपाली, बरावनकला, कैम्पबेल रोड, राजाजीपुरम, टिकैतराय, तालकटोरा, भवानीगंज, मेहंदीगंज, नौबस्ता, सुप्पा, पारा, जलालपुर, बुद्धेश्वर, लालाबाग, आलम नगर आदि हैं।
लखनऊ में वैसे तो सभी धर्मों के लोग सौहार्द एवं सद्भाव से रहते हैं, किंतु इस विधानसभा में हिन्दुओं एवं मुस्लिमों का बाहुल्य है। यहां सभी धर्मों के धार्मिक स्थल भी इस ही अनुपात में हैं। हिन्दू समाज के प्रमुख मंदिरों में श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, तड़ियन हनुमान जी मंदिर, भुईयन देवी मंदिर, श्री संदोहन देवी मंदिर, श्री संकटा माता मंदिर, श्री कल्याण गिरी मंदिर, श्री बड़ी काली जी मंदिर, श्री शीतला माता मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर, श्री वरदानी मंदिर, श्री लक्ष्मीपति गणेश मंदिर, बड़ा शिवाला, श्री राधे कृष्णा मंदिर, श्री बालाजी मंदिर, श्री महाकालेश्वर मंदिर आदि प्रमुख हैं।
यहां कई बड़ी एवं पुरानी ऐतिहासिक मस्जिदें भी हैं। इनमें टीले वाली मस्जिद, इमामबाड़ा मस्जिद एवं ईदगाह प्रमुख हैं।
मुस्लिम सुन्नी समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में – मस्जिदे बिलाली (मोमिन नगर ), मस्जिदे अबूबकर (मोमिन नगर), मस्जिदे ज़ुबैर (नेवता टीला), शाही मस्जिद (यासीन गंज), मदनी मस्जिद (हरी सिंह फार्म ,घाटी कैम्बेल रोड ), मस्जिद रहमानिया (खन्ना का तकया , मोअज़्ज़म नगर), मस्जिदे उम्र बिन खत्ताब (छप्पर वाली , रज्जब गंज ), टीले वाली मस्जिद (करीम गंज ), मस्जिदे कूबा (खंजा का तकया , रज्जब गंज), मस्जिद उमर (करीम गंज ), मस्जिद दादा मियां (मोअज़्ज़म नगर), मस्जिदे बदर अली शाह (मोअज़्ज़म नगर चौराहा), मस्जिदे पासंग बाग (अम्बर नगर), जमा मस्जिद (अम्बर गंज), नूरानी मस्जिद (अम्बर गंज, बिस्मिल नगर), चमन वाली मस्जिद (वज़ीर बाग), मोहम्मद मस्जिद (वज़ीर बाग), मस्जिदे सयैदना उमर फ़ारूक़ (गोल्डन सिटी चोर घाटी), मस्जिदे हैदरी (बाबा हज़रा बाग ), सुनहरी मस्जिद (कटरा मो० अली खां), मस्जिद पुराना चबूतरा), मस्जिदे मोहम्मदी (रज्जब अली का भठ्ठा कैम्बेल रोड), मस्जिदे मुस्तफा (लकड़ मंडी सआदतगंज ), मस्जिदे बिलाली (घटा बेग गाडीहा सआदत गंज ), दरी वाली मस्जिद (रुस्तम नगर मोहल्ला दारी वाला सआदतगंज), बड़ी मस्जिद (छोटा चौराहा सआदतगंज), मस्जिदे रहमानिया (बीबी गंज), मक्का मस्जिद (मोहम्मदगंज बाओलीगंज), उस्मानिया मस्जिद (मातादीन रोड बाओली चौकी), शाही मस्जिद (बरौरी), ताहिरा मस्जिद (ख्वाजा कॉलोनी कैम्बेल सड़क), शाही (बरोरा), मस्जिदे सयैदना (अबूबकर सिद्दीकी किशोर विहार कॉलोनी), मस्जिद गौसिया (रीफः कॉलोनी नई हैदर गंज), मस्जिदे कूबा (मोहल्ला ग्रीन सिटी शेखपुर हबीबपुर न्यू हैदर गंज, मस्जिदे आयेशा (आसिया मऊ)।
मुस्लिम शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में – दरगाह हज़रत अब्बास, रौजा ए काज़मैन, कर्बला (तालकटोरा), कर्बला (टिकैतराय), कर्बला (मेहंदीगंज), मस्जिद कारी मिर्ज़ा अली इब्राहिम (चौपटियाँ), मस्जिद मरयम जहाँ बेगम-(अशरफाबाद), वक़्फ़ मस्जिद बुग्गा साहेबा-गढ़ीपीर खां, मस्जिद नवाब जवाहर अली खान (रुस्तम नगर), मस्जिद अजमतुद्दौला (टिकैतराय), मस्जिद (मंसूर नगर), मस्जिद आंझी (निवाजगंज), मस्जिद इमली वाली (ठाकुरगंज), मस्जिद हैदर (क़दीर मार्किट), मस्जिद मेहँदी (कश्मीरी मोहल्ला)।
यहाँ सिख धर्म के प्रमुख गुरूद्वारे राजाजीपुरम योजना एवं टिकैतराय तालाब रोड पर स्थित है।
यहां हिन्दू धर्म के त्यौहारों में होली, दीपावली, दुर्गा पूजा एवं दशहरा और ढेरों अन्य त्यौहार जहां हर्षोल्लास से मनाये जाते हैं, वहीं इस्लामिक त्योहारों में रमजान, ईद-उल-फ़ित्र, ईद-उल-अज़हा, बारावफात की खुशियां भी खूब मनाई जाती हैं। इसके अलावा मुहर्रम भी गम में मनाया जाता है और अलम-ताजिये का जुलूस भी हर वर्ष निकलता है। सिख और पंजाबी समुदाय भी लोहड़ी, बैसाखी, होला मोहल्ला, गुरु प्रकाशोत्सव आदि त्यौहार ख़ुशी से मानते हैं। साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारा यहां की विशेषता है। यहां दशहरे पर रावण के पुतले बनाने वाले अनेकों मुस्लिम एवं ताजिये बनाने वाले अनेकों हिन्दू कारीगर हैं।
हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई’ का नारा यहाँ पूरी तरीके से चरितार्थ होता है।
फैशन की अंधी दौड़ में भी लखनऊ पश्चिम का चिकन और ज़रदोज़ी के वस्त्रों का हुनर बहुत प्रसिद्ध है। यह चिकन और ज़रदोज़ी एक लघु-उद्योग है, जो यहां पुराने हिस्से के घर घर में फ़ैला हुआ है। चिकन एवं लखनवी ज़रदोज़ी, दोनों ही देश के लिए भरपूर विदेशी मुद्रा कमाते हैं। चिकन एवं ज़रदोज़ी वस्त्रों ने बॉलीवुड एवं विदेशों के फैशन डिज़ाइनरों के मन को सदैव लुभाया है। यहाँ इसके अतिरिक्त किमाम, गुलकंद, इत्र, सोने-चांदी के वर्क़, नक़्क़ाशी, हस्त कढ़ाई आदि का कार्य भी बहुतायत में होता है।
यहाँ के प्रमुख बाज़ारों में से चौक बाज़ार, नक्खास बाज़ार, राजाजीपुरम बाज़ार, बुलाक़ी अड्डा बाज़ार, कैम्पबेल रोड बाज़ार, बालागंज बाज़ार, ठाकुरगंज बाज़ार, दुबग्गा बाज़ार, बुद्धेश्वर बाज़ार, पारा बाज़ार, सहादतगंज बाज़ार आदि हैं।
क्षेत्र के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, शताब्दी अस्पताल, ट्रामा सेंटर, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय, TB हॉस्पिटल एवं संयुक्त चिकित्सालय और निजी अस्पतालों में चरक हॉस्पिटल, एरा मेडिकल कॉलेज, हयात हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल, लिमरा हॉस्पिटल, बी होप हॉस्पिटल आदि हैं
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, डा. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल डिग्री कॉलेज, श्री महावीर प्रसाद महाविद्यालय, कालीचरण डिग्री कॉलेज, शिया आर्ट्स डिग्री कॉलेज, श्री जगन्नाथ प्रसाद भगवन देई कन्या महाविद्यालय, कुंवर गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज, कश्मीरी गर्ल्स इंटर कॉलेज, यूनिटी डिग्री कॉलेज, इरम डिग्री कॉलेज, एरा मैनेजमेंट कॉलेज, डा. एम.सी. सक्सेना कॉलेज, भालचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, एक्जॉन गर्ल्स डिग्री कॉलेज आदि
यहाँ के प्रमुख सरकारी विद्यालय में कालीचरण इंटर कॉलेज, श्री योगानंद इंटर कॉलेज, श्री गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज, कश्मीरी गर्ल्स हाई स्कूल और निजी विद्यालय में लखनऊ पब्लिक स्कूल, एसकेडी अकादमी, सेंट जोसफ इंटर कॉलेज, सेंट जेम्स मिशन स्कूल, एक्सॉन मोन्टेसरी स्कूल, देशभरति इंटर कॉलेज, राजकुमार अकादमी इंटर कॉलेज, SBN इंटर कॉलेज, हैमिल्टन अकादमी, यूनिटी इंटर कॉलेज आदि हैं।
किंग जॉर्ज मेडिकल हॉस्पिटल/ ट्रामा सेंटर, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय, सरकारी टी.बी. संयुक्त चिकित्सालय, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज-टूडियागंज
कोतवाली बाजार खाला, कोतवाली चौक, ठाकुरगंज थाना, दुबग्गा थाना, पारा थाना, सहादतगंज थाना, तालकटोरा थाना
क्षेत्र के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, बेगम अख्तर की मज़ार, मूसाबाग, बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, हुसैनाबाद घंटाघर, श्री काली जी मंदिर, श्री संदोहन देवी मंदिर, श्री संकटा देवी मंदिर, श्री गणेश मंदिर, दरगाह हज़रत अब्बास, रोज़ा ए काज़मैन, सतखंडा, फरंगी महल, दरगाह शाहमीना शाह, आदि हैं।
आकस्मिक सहायता – 112 , महिला हेल्पलाइन – 1090,